दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। आर्थिक अपराध संगठन (EOW) ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI) जबलपुर डायोसिस के पूर्व बिशप पी.सी. सिंह, सतपुड़ा रिसॉर्ट प्रा. लि. के मालिक प्रमोद पुरी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला नागपुर डायोसेशन ट्रस्ट एसोसिएशन (NDTA) की पचमढ़ी स्थित बहुमूल्य भूमि और भवन को बेहद सस्ते दरों पर लीज पर देने और चर्च की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।
संपत्ति को कोड़ियों के भाव लीज पर देने का आरोप
EOW के अनुसार, बिशप पी.सी. सिंह ने तत्कालीन प्रॉपर्टी सचिव एम.के. सिंह (मृत) के साथ मिलकर NDTA की 1,05,837 वर्ग फीट भूमि और उस पर बने भवन को सतपुड़ा रिसॉर्ट प्रा. लि. के मालिक प्रमोद पुरी को मात्र ₹12,500/- मासिक किराये पर 14 साल की लीज पर दे दिया। यह संपत्ति पचमढ़ी के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित है और इसकी बाजार दर के मुकाबले यह किराया बेहद कम है।
बिना अनुमति लीज, रकम का गबन
शिकायतकर्ता नितिन लॉरेंस और NDTA के पूर्व प्रॉपर्टी सचिव प्रशांत सत्रालकर ने शिकायत में बताया कि यह सौदा NDTA और चैरिटी कमिश्नर, नागपुर की अनुमति के बिना किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि इस संपत्ति से प्राप्त राशि का गबन किया गया।
FIR में गंभीर धाराएं शामिल
जांच में आरोप सही पाए जाने पर बिशप पी.सी. सिंह, सतपुड़ा रिसॉर्ट प्रा. लि. के प्रमोद पुरी और अन्य के खिलाफ धारा 120बी (आपराधिक साजिश), धारा 406 (अमानत में खयानत), और धारा 420 (धोखाधड़ी) भादवि के तहत केस दर्ज किया गया है।
पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार
यह पहली बार नहीं है जब पूर्व बिशप पी.सी. सिंह कानूनी शिकंजे में आए हैं। इससे पहले भी उन पर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगे थे और वे जेल भी जा चुके हैं। अब इस नए मामले में उनके खिलाफ दोबारा गिरफ्तारी की संभावना है।