Jabalpur News: संस्कारधानी में घटी गिद्धों की संख्या, इस साल गणना में मिले सिर्फ 70

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मध्यप्रदेश में 17 से 19 फरवरी तक प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना अभियान चला, जिसमें जबलपुर वन विभाग ने भी भाग लिया। गणना के अनुसार, इस साल जबलपुर में गिद्धों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल 89 गिद्ध पाए गए थे, जबकि इस बार केवल 70 गिद्ध ही देखे गए।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गिद्धों की संख्या में यह बदलाव उनके लगातार विचरण करने के कारण हो सकता है। जबलपुर में सबसे अधिक गिद्ध पाटन, शहपुरा और कटंगी क्षेत्रों में देखे गए।

गणना के दौरान वन विभाग ने प्रशिक्षित अधिकारियों, गिद्ध विशेषज्ञों और पक्षी प्रेमियों की मदद ली। दूरबीन और प्रपत्रों के जरिए तीन दिनों तक लगातार निगरानी की गई।

गिद्धों को प्रकृति का सफाईकर्मी माना जाता है, क्योंकि वे मृत पशुओं को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखते हैं और खतरनाक बीमारियों को फैलने से रोकते हैं। लेकिन इनकी संख्या में तेजी से गिरावट आने के कारण 2002 से इन्हें IUCN रेड लिस्ट में 'गंभीर रूप से संकटग्रस्त' के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

डीएफओ ऋषि दुबे के अनुसार, 17 फरवरी को 57, 18 फरवरी को 66 और 19 फरवरी को 70 गिद्धों की गणना की गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि गिद्ध एक स्थान पर ज्यादा समय तक नहीं रहते, इसलिए पूरे मध्यप्रदेश की गणना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राज्य में इनकी कुल संख्या बढ़ी है या घटी।

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