दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। पनागर क्षेत्र के ग्राम बम्होरी में गणेश तिवारी द्वारा जहर पीकर आत्महत्या करने के मामले ने शुरू में राजनीतिक रंग ले लिया था, लेकिन पुलिस जांच के बाद मामला स्पष्ट हो गया। गणेश के पिता ने आरोप लगाए थे कि भारतीय जनता युवा मोर्चा ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजमणि सिंह बघेल, गांधीग्राम समिति के अध्यक्ष, खरीदी प्रभारी प्रिंस उपाध्याय और अर्णवी वेयर हाउस के मालिक आशु सोनी की प्रताड़ना से परेशान होकर उनके बेटे ने आत्महत्या की।
हालांकि, पुलिस जांच में पाया गया कि गणेश तिवारी ने शेयर मार्केट में बड़ा निवेश किया था, जिसमें हुए नुकसान के कारण कर्ज बढ़ गया था। इसके अलावा, उसके एक लड़की के साथ प्रेम प्रसंग में तनाव जैसी निजी परेशानियाँ भी सामने आईं। इन सभी कारणों से गणेश मानसिक रूप से तनाव में था और इसी दबाव में उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि गणेश तिवारी को किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या व्यापारी द्वारा प्रताड़ित नहीं किया गया था। इस निष्कर्ष के बाद मृतक के पिता ने अपनी शिकायत वापस ले ली।
राजमणि सिंह बघेल ने कहा "गणेश तिवारी और उनके परिवार के प्रति मेरी पूरी संवेदनाएँ हैं। कुछ राजनीतिक विरोधियों ने मेरी छवि धूमिल करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस जांच से सच सामने आ गया।"
पनागर थाना प्रभारी अजय बहादुर सिंह का कहना है कि इस मामले की पूरी निष्पक्ष जांच की गई, जिसमें गणेश तिवारी की आत्महत्या का मुख्य कारण कर्ज और प्रेम प्रसंग से जुड़ी व्यक्तिगत परेशानियाँ रहीं। अब राजनीति से जुड़ा यह विवाद पूरी तरह से शांत हो गया है।
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