दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत स्कूलों में वितरित किए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांच अभियान जारी है। इसी क्रम में जबलपुर के कुंडम ब्लॉक में खाद्य विभाग ने निरीक्षण कर विभिन्न स्कूलों से भोजन के सैंपल लिए।
खाद्य अधिकारी पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में शासकीय नवीन हाई स्कूल तिलसानी और प्राथमिक शाला फिफरी का दौरा किया गया। यहां सरस्वती और लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए गए कढ़ी-चावल और भजिया-पकौड़ी के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को सीलबंद कर परीक्षण के लिए भोपाल भेजा गया है।
इस दौरान चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के केमिस्ट सौरभ गौतम ने मौके पर ही भोजन सामग्री की जांच की और ‘शुद्ध ऐप’ के माध्यम से प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की।
गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने पर होगी कार्रवाई
खाद्य अधिकारी श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पहले तिलवाराघाट, बरगी, तेवर, छीतापार, कूड़न और शिल्पीनगर भेड़ाघाट के विभिन्न सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है। यदि भोजन की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित स्व-सहायता समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता
केंद्र और राज्य सरकार स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार प्रदान कर कुपोषण से बचाना है। इसके लिए खाद्य विभाग समय-समय पर जांच अभियान चला रहा है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।