दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। गर्मी के बढ़ते ही जबलपुर शहर में जल संकट गहराने लगा है। कई इलाकों में ट्यूबवेल सूखने लगे हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नर्मदा किनारे बसे इस शहर में भीषण जल संकट की स्थिति यह है कि ऊंचाई वाले इलाकों में प्रतिदिन पानी के टैंकरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधारताल से सटे संजय गांधी वार्ड, राजा बाबा कुटी, आजाद नगर, हुसैन नगर समेत कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है। इन क्षेत्रों में पहले जहां प्रतिदिन 25 टैंकरों से पानी की आपूर्ति होती थी, अब यह संख्या 35 से 70 तक पहुंच चुकी है।
नगर निगम के अनुसार, इन इलाकों में तीन ट्यूबवेल पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे पानी की मांग में अचानक वृद्धि हो गई है। 250-300 फीट की गहराई वाले ट्यूबवेल भी सूख रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि भूमिगत जलस्तर लगातार गिर रहा है। अप्रैल में हालात और बिगड़ सकते हैं, क्योंकि हर साल इस समय तक आधे से ज्यादा ट्यूबवेल सूख जाते हैं।
क्षेत्रीय पार्षद कलीम खान के अनुसार, पानी की किल्लत से निपटने के लिए गहरे नलकूपों और हाईडेंट से टैंकरों को भरा जा रहा है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो गर्मी के चरम पर पहुंचते ही यह संकट विकराल रूप ले सकता है।
जबलपुर में पानी की यह स्थिति सरकार और प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। यदि समय रहते उचित प्रबंध नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में शहर में जल संकट और भयावह हो सकता है।