Jabalpur News: फरार कंप्यूटर ऑपरेटर सोमेश गुप्ता ने जारी किया वीडियो, खुद को बताया निर्दोष

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जबलपुर के पाटन नगर परिषद में 18 लाख रुपये के घोटाले के आरोप में फरार चल रहे कंप्यूटर ऑपरेटर सोमेश गुप्ता का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में सोमेश खुद को निर्दोष बता रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें 18 लाख के गबन की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके सेंट्रल बैंक खाते से 1.54 लाख रुपये यूनियन बैंक में ट्रांसफर किए गए हैं, जो उनके पीएफ की राशि थी और जिसका उपयोग वह अपने बेटे के इलाज के लिए करना चाहते थे।

2018 से 2024 तक काटी गई फर्जी रसीदों का खुलासा

परिषद के राजस्व विभाग में कार्यरत सोमेश गुप्ता का काम टैक्स वसूल करना और रसीद काटना था। जांच में सामने आया कि 2018 से 2024 के बीच उन्होंने टैक्स वसूली की राशि अपने बैंक खाते में जमा कर दी, जो करीब 18 लाख रुपये है। परिषद के सीएमओ जयश्री चौहान और राजस्व अधिकारी दीपेश बबेले ने चार दिन पहले पाटन थाने में सोमेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है।

कैसे हुआ घोटाले का खुलासा

2023 में प्रदेश के ई-नगर पालिका पोर्टल में तकनीकी खराबी के चलते टैक्स वसूली का काम ऑफलाइन किया जाने लगा। 2024 में जब सर्वर दोबारा सक्रिय हुआ और डेटा बहाल किया गया, तो सोमेश द्वारा काटी गई कई फर्जी रसीदों का खुलासा हुआ। विस्तृत जांच के बाद पता चला कि यह गड़बड़ी 2018 से जारी थी।

वीडियो में सोमेश ने कहा कि वह 2016 से नगर परिषद में कार्यरत हैं और उनका काम केवल रसीद काटना था, जिसे संबंधित अधिकारी को सौंप दिया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उनकी सहमति के बैंक शाखा प्रबंधक ने सीएमओ के निर्देश पर 1.54 लाख रुपये परिषद के खाते में ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने इस संबंध में 10 मार्च को पाटन थाने में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सारे सबूत मौजूद : सीएमओ जयश्री चौहान

परिषद की सीएमओ जयश्री चौहान ने सोमेश के दावों को झूठा करार देते हुए कहा कि परिषद के पास पर्याप्त सबूत हैं, जो उनके घोटाले को साबित करते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।

बैंक खातों में 12 गुना अधिक रकम का लेन-देन

जांच में सामने आया कि सोमेश की मासिक सैलरी महज 13,000 रुपये थी, लेकिन उनके पांच अलग-अलग बैंक खातों में 63 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था। उनकी सैलरी के हिसाब से उनके खाते में सिर्फ 4.5 लाख रुपये होने चाहिए थे, लेकिन उनके पास इससे 12 गुना अधिक रकम पाई गई।

निकाली गई रिकवरी, फिर भी नहीं लौटाए पूरे पैसे

नगर परिषद ने सोमेश से गबन की गई राशि लौटाने को कहा, जिसके बाद उन्होंने साढ़े तीन लाख रुपये जमा किए, लेकिन फिर पैसे लौटाने में आनाकानी करने लगे। इसके बाद नगर परिषद ने पाटन थाना पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना है।

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